Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full [hot] Direct

पुंडरीक स्वामी भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर थे, जिन्होंने इसी पर्वत पर निर्वाण प्राप्त किया था。 स्थान:

पालिताना (शत्रुंजय गिरिराज) की यात्रा में 5 मुख्य चैत्यवंदन

पालीताना गिरिराज की तलहटी में प्रवेश करते ही सबसे पहला चैत्यवंदन पर किया जाता है। यह तीर्थ के प्रति समर्पण का प्रतीक है। चैत्यवंदन मूल पाठ: palitana 5 chaityavandan in hindi full

3. तृतीय चैत्यवंदन: रायण पगला (Rayan Pagla)

यह पाठ शत्रुंजय के मुख्य अधिपति, युग की शुरुआत करने वाले देवाधिदेव आदिनाथ प्रभु को समर्पित है। पूर्व नवाणु वारजी

2. शांतिनाथ भगवान चैत्यवंदन (दूसरा पड़ाव)

हस्तिनापुर नगरी धणी, प्रभुजी गुण मणिखाण।" palitana 5 chaityavandan in hindi full

भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर ने इसी गिरिराज पर ५ करोड़ मुनियों के साथ मोक्ष प्राप्त किया था, जिसके उपलक्ष्य में यह वंदन किया जाता है。 चैत्यवंदन मूल पाठ:

"श्री शत्रुंजय आदिजिन आविया, पूर्व नवाणु वारजी,अनंत लाभ इहाँ जिनवर जाणी, समोसर्या निर्धारजी।"

पालीताना गिरिराज की चढ़ाई और वंदना के दौरान नीचे दिए गए पांच स्थानों पर क्रमशः चैत्यवंदन किए जाते हैं:

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